अंग्रेज़ी प्रश्न 16
प्रश्न; बमबारी के पहले कुछ वर्षों तक रामी इस बात से चिंतित रहा कि वह अपने आपको दोहरा रहा है। कभी-कभी उसे स्मादार की कहानी एक दिन में दो या तीन बार सुनानी पड़ती थी। एक बार सुबह किसी स्कूल में। एक बार दोपहर में पेरेंट्स सर्कल के दफ्तर में। फिर रात में किसी सिनेगॉग या समुदाय हॉल या मस्जिद में। पास्टरों को। इमामों को। रब्बियों को। रिपोर्टरों को। कैमरामैनों को। स्कूल के बच्चों को। सीनेटरों को। स्वीडन, मैक्सिको, अज़रबैजान से आए हुए मेहमानों को। वेनेज़ुएला, माली, चीन, इंडोनेशिया, रवांडा से आए हुए शोकग्रस्त लोगों को, जो पवित्र स्थलों के दर्शन के लिए आए थे।
कभी-कभी — शुरुआत में, इससे पहले कि वह खुद को इस दोहराव में सहज होने दे — वह वाक्य के बीच में रुक जाता, सोचता कि क्या उसने कुछ मिनटों के भीतर वही बात दो बार कही है, सिर्फ़ सामान्य दोहराव नहीं, बल्कि बिल्कुल वही शब्द लगातार, वही लहजे के साथ, वही चेहरे के भावों के साथ, जैसे कि उसने कहानी को किसी यांत्रिक, रोज़मर्रा की लय में बदल दिया हो। उसे यह सोचकर परेशानी होती कि शायद सुनने वाले उसे एक टूटे हुए रील की तरह देखें, अपने गम की एकरूपता में फँसा हुआ।
बाद में उसे एहसास होता कि उसने वो सारे टुकड़े छोड़ दिए हैं जो वह वास्तव में कहना चाहता था।
उसे डर लगता कि कहीं वह धोखेबाज़, नाटकीय, रिहर्सल किया हुआ न लगे। जैसे उसकी कहानी कोई ब्रांड हो, कोई विज्ञापन, जो दोहराने के लिए बाध्य हो। उसके चेहरे पर गर्मी उठने लगती। उसकी हथेलियाँ पसीने से भीग जातीं। दिन में दूसरी या तीसरी बार कहानी सुनाते समय वह अपने बाँहों की खाल को चुटकी से पकड़ता ताकि खुद को जगा सके, यह सुनिश्चित करने के लिए कि वह पुराने रास्ते पर नहीं लौट रहा। मेरा नाम रामी एल्हनान है। मैं स्मादार का पिता हूँ। मैं सातवीं पीढ़ी का यरुशलमी हूँ।
वह सोचता कि अभिनेता यह कैसे करते हैं। एक ही बात को बार-बार, हर प्रदर्शन में अर्थपूर्ण ढंग से कहना। इसमें किस तरह की अनुशासन लगती है? एक बार दिन में। मैटिनी के दिनों में दो बार। वे उस अंतहीन दोहराव में इसे वास्तविक कैसे बनाए रखते हैं? इसे ज़िंदा कैसे रखते हैं?
लेकिन जितना वह आगे बढ़ा — जितना कहानी एक अकेले आकार में ढलती गई — उतना ही उसे यह समझ में आने लगा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। उसे पता था, किसी अभिनेता के लिए हमेशा एक अंत होता है, लेकिन उसके लिए कोई ऐसा अंत नहीं था। कोई अंतिम पर्दा नहीं। कोई तालियाँ नहीं। कोई भव्य समापन नहीं। कोई स्टेज के दरवाज़े से बाहर निकलना, ओवरकोट पहने, कॉलर ऊपर किए हुए। कोई सड़क की रोशनी में जगमगाती गली नहीं। कोई बूंदा-बांदी वाली सड़क नहीं। कोई सुबह की समीक्षा नहीं। कोई चापलूसी भरी प्रशंसा नहीं।
रामी हर किसी को किसकी कहानी सुना रहा था?
विकल्प:
A) बमबारी की कहानी
B) स्मदार की कहानी
C) उसकी अपनी कहानी
D) उपरोक्त सभी
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उत्तर:
सही उत्तर; D
समाधान:
- (d) बमबारी के बाद पहले कुछ वर्षों तक रामी इस बात से चिंतित रहा कि वह खुद को दोहरा रहा है। कभी-कभी उसे स्मदार की कहानी दिन में दो या तीन बार सुनानी पड़ती थी। गद्यांश में कहानी का कोर्ण उल्लेख नहीं है, लेकिन यह उसके, स्मदार और बमबारी के बारे में है।