अंग्रेज़ी प्रश्न 20

प्रश्न; बमबारी के बाद पहले कुछ वर्षों तक रामी को यह चिंता सताती रही कि वह खुद को दोहरा रहा है। कभी-कभी उसे स्मदार की कहानी दिन में दो या तीन बार सुनानी पड़ती थी। एक बार सुबह किसी स्कूल में। एक बार दोपहर बाद पेरेंट्स सर्कल के दफ्तर में। फिर रात में किसी सिनेगॉग या कम्युनिटी हॉल या मस्जिद में। पास्टरों को। इमामों को। रब्बियों को। रिपोर्टरों को। कैमरामैनों को। स्कूली बच्चों को। सीनेटरों को। स्वीडन, मैक्सिको, अज़रबैजान से आए हुए मेहमानों को। वेनेज़ुएला, माली, चीन, इंडोनेशिया, रवांडा से आए शोकाकुल लोगों को, जो पवित्र स्थलों की यात्रा पर आए थे।

कभी-कभी—शुरुआत में, जब वह खुद को दोहराव में सहज होने की इजाज़त नहीं देता था—वह वाक्य के बीच ठिठक जाता, सोचता कि क्या उसने कुछ मिनटों के भीतर वही बात दोहराई है, न सिर्फ़ सामान्य दोहराव, बल्कि बिलकुल वही शब्द, एक के बाद एक, वही लहजा, वही चेहरे के भाव, मानो उसने कहानी को किसी यांत्रिक दिनचर्या की लय में ढाल दिया हो। उसे यह विचार परेशान करता कि शायद सुनने वाले उसे किसी टूटे-फूटे रील की तरह देखें, अपने गम की एकरूपता में फँसा हुआ।

बाद में उसे एहसास होता कि उसने वे सारे टुकड़े छोड़ दिए, जो वह असल में कहना चाहता था।

उसे डर के मारे गर्मी छूट जाती कि कहीं वह धोखेबाज़, नाटकीय, रटा-रटाया न लगे। मानो उसकी कहानी कोई ब्रांड हो, कोई विज्ञापन, जो दोहराव से बँधा हो। उसके चेहरे पर गर्मी उभर आती। हथेलियाँ पसीने से भीग जातीं। दिन में दूसरी या तीसरी बार सुनाते वक्त वह अपनी बाँहों की चमड़ी चुटकी से काँचता ताकि खुद को जगा सके, यह सुनिश्चित करे कि वह पुराने रास्ते पर नहीं लौट रहा। मेरा नाम रामी एल्हनान है। मैं स्मदार का पिता हूँ। मैं सातवीं पीढ़ी का यरुशलमवासी हूँ।

वह सोचता, अभिनेता यह कैसे करते हैं। एक ही बात को बार-बार, प्रदर्शन दर प्रदर्शन, अर्थपूर्ण ढंग से कहना। इसमें किस तरह की अनुशासन-भरी कला छिपी है? एक बार दिन में। मैटिनी वाले दिन दो बार। वे उस अनंत दोहराव में इसे सच्चा कैसे बनाए रखते हैं? इसे जिंदा कैसे रखते हैं?

पर जितना वह आगे बढ़ा—जितना कहानी एक अकेले आकार में ढलती गई—उतना ही उसे लगने लगा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। उसे मालूम था, अभिनेता का तो हमेशा कोई अंत होता है, पर उसका कोई अंत नहीं था। न कोई अंतिम पर्दा। न कोई तालियाँ। न कोई भव्य समापन। न कोई स्टेज़ दरवाज़े से बाहर निकलना, ओवरकोट पहने, कॉलर ऊपर किए। न कोई सड़क-रोशन गली। न कोई बरसात भरी भूरी पथरीली गली। न कोई सुबह की समीक्षा। न कोई चापलूसी भरी वाहवाही।

गद्यांश के अनुसार, रामी कहानी कितनी बार सुनाता है?

विकल्प:

A) गुज़ारे में स्पष्ट रूप से नहीं दिया गया है

B) कम से कम तीन से पाँच बार

C) तीन बार

D) तीन से अधिक बार

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उत्तर:

सही उत्तर; C

समाधान:

  • (c) एक बार सुबह स्कूल में। एक बार दोपहर बाद पैरेंट्स सर्कल कार्यालयों में। फिर रात में एक सिनेगॉग या समुदाय हॉल या मस्जिद में।