तार्किक तर्क प्रश्न 30

प्रश्न; निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

दहेज वह धन और वस्तुएँ हैं जो विवाह के समय वधू के परिवार द्वारा उसे भेंट की जाती हैं। इसे नवविवाहित दंपत्ति की आर्थिक सहायता के रूप में माना जाता था। यह वधू की संपत्ति होती है और वर को उस पर प्रबंधन का अधिकार होता है। यह प्रथा प्राचीन भारतीय उपमहाद्वीप की है, ग्रीक नगर-राज्यों की नहीं, लगभग 1000 से 500 ई.पू. की है। दहेज रोमन कानून के अंतर्गत आवश्यक था, क्योंकि ऐसा माना जाता था कि यह पुण्य कार्य करता है। रोमन कानून का विस्तार साम्राज्यों की स्थापना के कारण हुआ, जिससे यह प्रथा दुनिया के बड़े भाग में लागू हुई। दहेज प्रथा आधुनिक पश्चिमी दुनिया के देशों में भी प्रचलित थी, परंतु उदारवादी और लोकतांत्रिक शिक्षा प्रणालियों के साथ आधुनिकीकरण ने इस प्रथा को कम करने में सहायता की। भारत इस कुख्यात प्रथा का सबसे अच्छा उदाहरण है और साथ ही दुनिया में क्रांतिकारी शैक्षिक और राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के कारण इसे सफलतापूर्वक घटाने वाला भी है। इस गद्यांश से दहेज प्रथा की अवधारणा के बारे में क्या अनुमान लगाया जा सकता है?

विकल्प:

A) यह समाज में एक गलत प्रथा है, जिसे परिवार ने बनाया है

B) यह परिवार में एक सामान्य आदत थी जिसे सभी परिवारों के लिए अनिवार्य बना दिया गया

C) दहेज प्रथा को पहले के दिनों में पितृसत्तात्मक मानदंडों और सामाजिक संरचनाओं के कारण स्वीकार किया गया था

D) लोकतांत्रिक शिक्षा ही एकमात्र ऐसा उपकरण है जिसने दहेज प्रथा को उन्मूलित किया है

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उत्तर:

सही उत्तर; B

समाधान:

(b) तर्क प्रकार; निगमनात्मक तर्क प्रश्न का केंद्र; निष्कर्ष संबंध सादृश्य; एक विशेषता के स्तरों का सादृश्य दहेज प्रथा विवाह के समय वधू के परिवार द्वारा वधू को दी गई संपत्ति है। इसे नवविवाहित दंपति के लिए विवाहित जीवन में बसने तक की आर्थिक सहायता के रूप में सोचा गया था। परंतु बाद में समाज के कुछ वर्गों की सामाजिक अपरिपक्वता के कारण इसे अनिवार्य बना दिया गया।