तार्किक तर्क प्रश्न 28

प्रश्न; निर्देश; निम्नलिखित गद्य को ध्यान से पढ़ें और नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दें:

रूपवाद (Formalism) की कला आलोचना और परिकल्पना के प्रति एक विशिष्ट दृष्टिकोण है, जिसके अनुसार सभी दृश्य कलाओं की एक मौलिक महत्त्व है। यह कलाकार की उस क्षमता पर निर्भर करता है जिससे वह चित्र या छवि के भीतर दृश्य क्रम और कुछ तत्वों की वास्तविकता के संतुलन को साधता है। चाहे कलात्मक तकनीक और स्वाद समय के साथ कितना भी बदल जाए, रूपवाद मानता है कि ये वास्तविकताएँ स्थिर रहती हैं। रूपवाद का ध्यान प्राचीन चिंतन में गहराई से जड़ा हुआ है, क्योंकि वे मानते थे कि ब्रह्मांड संख्यात्मक संबंधों द्वारा शासित है या रूप को वस्तुओं की एक असुंदर गुणवत्ता के रूप में देखते थे। इसलिए रूपवादी केवल कलाकृतियों के रूपात्मक गुणों पर केंद्रित रहते हैं। रूपवाद स्थिर वास्तविकताओं का समर्थन करता है, तब इस विचित्रता के पक्ष में प्रबल तर्क क्या है?

विकल्प:

A) कलाकार की क्षमता स्थिर कला के लिए यथार्थवादी और संख्यात्मक है

B) कलाकार की आलोचना वास्तविक गुणवत्ता के साथ असुंदर है

C) आलोचना के माध्यम से परिकल्पना संतुलन की दृश्य व्यवस्था है

D) ब्रह्मांडीय संबंध की तकनीकी समझ वही की वही रहती है

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उत्तर:

सही उत्तर; D

समाधान:

  • (d)
  1. निगमनात्मक तर्क
  2. प्रबल तर्कन
  3. किसी विशेषता की सीढ़ी-समानता औपचारिकता यह दावा करती है कि कलाओं की वास्तविकताएँ समय-समय पर भिन्न होती हैं और तकनीक तथा स्वाद कालांतर में बदल सकते हैं। परन्तु ब्रह्मांड संख्यात्मक संबंधों द्वारा शासित है अथवा रूप की अवधारणा में—वस्तुओं की सुसौंदर्य गुणवत्ता के रूप में—जो स्थिर रहती है।