अंग्रेज़ी प्रश्न 21

प्रश्न; नागेन्द्र नाथ कुण्डा को अपने साथ कलकत्ता ले जाने को अनिच्छा से राज़ी हुआ। वहाँ पहुँचकर उसने उसकी मौसी के पति की खूब खोज की, पर श्याम बाज़ार में बिनोद घोष नाम का कोई नहीं मिला। उसे एक बिनोद दास मिला, जिसने कोई सम्बन्ध स्वीकार नहीं किया। इस प्रकार कुण्डा नागेन्द्र पर बोझ बनकर रह गई।

नागेन्द्र की एक बहन थी, जो उससे छोटी थी, नाम कमल मणि; उसके ससुराल वाले कलकत्ता में रहते थे। उसके पति का नाम श्रीश चन्द्र मित्रा था। श्रीश बाबु फेयरली एण्ड कंपनी नामक लूट के घर में मुनीम था। यह बड़ा घर था और श्रीश चन्द्र धनवान था। वह अपने साले से बहुत लगाव रखता था। नागेन्द्र कुण्डा नन्दिनी को वहीं ले गया और उसकी कहानी कमल मणि को सुना दी।
कमल की उम्र लगभग अठारह वर्ष थी। रूप-रेखा में वह नागेन्द्र-सी थी; दोनों भाई-बहन बहुत सुन्दर थे। पर सौन्दर्य के अतिरिक्त कमल अपने विद्या के लिए भी प्रसिद्ध थी। नागेन्द्र के पिता ने एक अंग्रेज़ उस्ताद रखकर कमल मणि और सूर्य मुखी को अच्छी तरह पढ़ाया था। कमल की सास जीवित थी, पर वह श्रीश चन्द्र के पैतृक घर में रहती थी। कलकत्ता में कमल मणि घर की मालकिन थी।
जब नागेन्द्र ने कुण्डा नन्दिनी की कहानी समाप्त की, तो बोला, “यदि तुम उसे यहीं न रखोगी, तो उसका और कोई ठिकाना नहीं। बाद में जब मैं घर लौटूँगा, तो उसे गोविन्दपुर अपने साथ ले जाऊँगा।”
कमल बहुत शरारती थी। नागेन्द्र के मुँह फेरते ही उसने कुण्डा को बाँहों में उठाकर दौड़ लगा दी। एक टब ठंडे-से गर्म पानी का पास के कमरे में रखा था, और अचानक कमल ने कुण्डा को उसमें फेंक दिया। कुण्डा डर गई। फिर कमल हँसती हुई सुगन्धित साबुन लेकर उसे धोने लगी। एक दासी ने कमल को ऐसे लगे हाथ देखकर दौड़कर कहा, “मैं कर दूँ! मैं कर दूँ!” पर कमल ने उस पर थोड़ा गर्म पानी छिड़ककर उसे भगा दिया। कमल ने कुण्डा को नहला-धुलाकर पोंछा, तो वह ओस से धुसे हुए कमल-कली-सी दिखाई दी। फिर कमल ने उसे सुन्दर सफेद वस्त्र पहनाया, सुगन्धित तेल से बाल बाँधे, आभूषणों से सजाया और कहा: “अब जाकर दादा बाबु (बड़े भाई) को प्रणाम कर आ, पर घर के मालिक को ऐसे मत दिखाना; यदि उसने तुझे देख लिया तो वह तुझसे ब्याह करना चाहेगा।”
नागेन्द्र नाथ ने कुण्डा की कहानी सूर्य मुखी को लिख भेजी। जब अपने एक दूर रहने वाले घनिष्ठ मित्र हर देव घोषाल को पत्र लिखा, तो उसमें कुण्डा के विषय इस प्रकार लिखा:
“बताओ, तुम स्त्री के सौन्दर्य की कौन-सी उम्र सबसे अच्छी मानते हो। तुम कहोगे चालीस के बाद, क्योंकि तुम्हारी ब्राह्मणी उससे एक-दो वर्ष बड़ी है। कुण्डा नाम की लड़की, जिसकी कहानी मैंने भेजी है, उसकी उम्र तेरह वर्ष है। उसे देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो सौन्दर्य की यही उम्र हो। यौवन के खिलने से पहले की मिठास और भोलापन फिर कभी नहीं दिखता। इस कुण्डा की सादगी आश्चर्यजनक है; वह कुछ नहीं समझती। आज तो वह लड़कों के साथ गली में खेलने दौड़ी जा रही थी। मना करने पर बहुत डर गई और रुक गई। कमल उसे पढ़ा रही है और कहती है कि वह पढ़ने में तेज़ है, पर दूसरी बातें नहीं समझती। उदाहरण के लिए, उसकी बड़ी-बड़ी नीली आँखें—जो सदा साफ पानी में खिले हुए शरद-कमल-सी तैरती रहती हैं—ये दोनों आँखें मेरे चेहरे पर टिकी रह सकती हैं, पर कुछ कहती नहीं। मैं उन्हें ताकता हूँ तो अपने होश खो बैठता हूँ; और अधिक कैसे कहूँ।
कुण्डा नागेन्द्र नाथ पर बोझ क्यों बन गई थी?

विकल्प:

A) क्योंकि कुंदा बहुत ज़्यादा मांग कर रही थी

B) क्योंकि कुंदा नागेन्द्र नाथ को छोड़ने को तैयार नहीं थी

C) क्योंकि जब तक बिनोद घोष नहीं मिला, तब तक कुंदा उसी के पास रही

D) उपर्युक्त में से कोई नहीं

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उत्तर:

सही उत्तर; C

समाधान:

  • (c) अनिच्छा से ही नागेन्द्र नाथ कुंदा को कलकत्ता अपने साथ ले गया। वहाँ पहुँचकर उसने उसकी मौसी के पति की खूब खोज की, पर श्याम बाज़ार में बिनोद घोष नाम का कोई नहीं मिला। उसे एक बिनोद दास मिला, जिसने कोई सम्बन्ध स्वीकार नहीं किया। इस प्रकार कुंदा नागेन्द्र पर बोझ बनी रही।