अंग्रेज़ी प्रश्न 23
प्रश्न; नागेन्द्र नाथ ने कुण्डा को अपने साथ कलकत्ता ले जाने में असमंजस किया। वहाँ पहुँचकर उसने उसकी मौसी के पति की बहुत खोज की, पर श्याम बाज़ार में बिनोद घोष नाम का कोई नहीं मिला। उसे एक बिनोद दास मिला, जिसने कोई सम्बन्ध स्वीकार नहीं किया। इस प्रकार कुण्डा नागेन्द्र पर बोझ बनकर रह गई।
नागेन्द्र की एक बहन थी, जो उससे छोटी थी, नाम कमल मणि; उसके ससुराल का घर कलकत्ता में था। उसके पति का नाम श्रीश चन्द्र मित्र था। श्रीश बाबू फेयरली एण्ड कम्पनी नामक लूट के घर में मुनीम था। यह बड़ा घर था और श्रीश चन्द्र धनवान था। वह अपने साले से बहुत लगाव रखता था। नागेन्द्र कुण्डा नन्दिनी को वहीं ले गया और उसकी कथा कमल मणि को सुना दी।
कमल की आयु लगभग अठारह वर्ष थी। रूप-रेखा में वह नागेन्द्र-सी थी; दोनों भाई-बहन बहुत सुन्दर थे। पर सौन्दर्य के अतिरिक्त कमल अपनी विद्या के लिए भी प्रसिद्ध थी। नागेन्द्र के पिता ने एक अंग्रेज़ उस्ताद रखकर कमल मणि और सूर्य मुखी दोनों को अच्छी तरह पढ़ाया था। कमल की सास जीवित थी, पर वह श्रीश चन्द्र के पुरखों के घर में रहती थी। कलकत्ता में कमल मणि घर की मालकिन थी।
जब नागेन्द्र ने कुण्डा नन्दिनी की कथा समाप्त की, तो बोला, “यदि तुम उसे यहीं न रखोगी तो उसका और कोई ठिकाना नहीं। बाद में जब मैं घर लौटूँगा तो उसे साथ ले जाऊँगा।”
कमल बहुत शरारती थी। नागेन्द्र के मुँह फेरते ही उसने कुण्डा को बाँहों में उठाकर दौड़ पड़ी। एक कमरे में गुनगुना पानी का हौदा रखा था, कमल ने अचानक कुण्डा को उसमें फेंक दिया। कुण्डा डर गई। फिर कमल हँसती हुई सुगन्धित साबुन लेकर उसे धोने लगी। एक सेविका ने कमल को ऐसे लगी देखकर दौड़कर कहा, “मैं कर दूँ! मैं कर दूँ!” पर कमल ने उस पर थोड़ा गरम पानी छिड़ककर भगा दिया। कमल ने कुण्डा को नहला-धुलाकर इत्र लगाया; वह ओस से धुये कमल-सी दिखने लगी। फिर कमल ने उसे सुन्दर सफेद वस्त्र पहनाया, बालों में सुगन्धित तेल लगाया, आभूषणों से सजाया और कहा, “अब जाकर दादा बाबु को प्रणाम कर आ, पर घर के मालिक को ऐसे मत दिखाना; वह तुझे देखकर ब्याह करना चाहेगा।”
नागेन्द्र नाथ ने कुण्डा की पूरी कथा सूर्य मुखी को लिखी। एक दूर रहने वाले घनिष्ठ मित्र हरदेव घोषाल को लिखते हुए उसने कुण्डा के बारे में यों लिखा:
“बताओ, तुम स्त्री की सौन्दर्य-आयु क्या मानते हो। तुम कहोगे चालीस के बाद, क्योंकि तुम्हारी ब्राह्मणी उससे एक-दो वर्ष बड़ी है। कुण्डा नाम की लड़की, जिसकी कथा भेजी है, उसकी उम्र तेरह वर्ष है। उसे देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो यही सौन्दर्य-आयु हो। यौवन के खिलने से पहले की मिठास और भोलापन फिर कभी नहीं दिखता। इस कुण्डा की सादगी आश्चर्यजनक है; वह कुछ नहीं समझती। आज तो वह गली में लड़कों के साथ खेलने दौड़ी जा रही थी। मना करने पर डर गई और रुक गई। कमल उसे पढ़ा रही है और कहती है कि पढ़ने में तेज है, पर बाकी बातें नहीं समझती। उदाहरण के लिए, उसकी बड़ी-बड़ी नीली आँखें—जो सदा साफ पानी में खिले शरद-कमल-सी तैरती रहती हैं—ये दोनों आँखें मेरे चेहरे पर टिकी रहती हैं, पर कुछ नहीं कहती। इन्हें देखकर मेरे होश उड़ जाते हैं; और अच्छी तरह समझा नहीं सकता।
श्रीश बाबु कौन थे?
विकल्प:
A) कमल मणि का पति
B) एक धनाढ्य लेखाकार
C) दोनों (a) और (b)
D) न तो (a) और न ही (b)
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उत्तर:
सही उत्तर; C
समाधान:
- (c) नागेन्द्र की एक बहन थी, जो उससे छोटी थी, जिसका नाम कमल मणि था, जिसका ससुराल कलकत्ता में था। उसके पति का नाम श्रीश चन्द्र मित्रा था। श्रीश बाबू प्लंडर, फेयर्ली एंड कंपनी के घर में लेखाकार थे। यह एक बड़ा घर था, और श्रीश चन्द्र धनवान थे।